एआई से लैस न्यूक्लियर पावर प्लांट मॉडल ने मो. हसन पीजी कॉलेज में मचाया धमाल
जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग में एमएससी के छात्र-छात्राओं द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित न्यूक्लियर पावर प्लांट का मॉडल प्रस्तुत किया गया। मॉडल के माध्यम से छात्रों ने बताया कि किस प्रकार एआई तकनीक परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा, रखरखाव और दक्षता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
कॉलेज, जो वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध है, में आयोजित इस शैक्षणिक प्रस्तुति में एमएससी के छात्र रीतुल मौर्य ने विस्तार से बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस के जरिए प्लांट की कार्यप्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाता है। उन्होंने कहा कि भविष्यवाणी आधारित रखरखाव (Predictive Maintenance) के माध्यम से सेंसर डेटा का विश्लेषण कर उपकरणों की संभावित खराबी का पहले ही पता लगा लिया जाता है, जिससे अप्रत्याशित बंदी रोकी जा सकती है। इससे टर्बाइन, रिएक्टर और कूलिंग सिस्टम की निगरानी और अधिक प्रभावी होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि एआई प्रक्रिया अनुकूलन (Process Optimization) के जरिए ऊर्जा उत्पादन को मांग, मौसम और उपकरणों के प्रदर्शन के अनुसार समायोजित करता है, जिससे ईंधन की खपत घटती है, दक्षता बढ़ती है और लागत कम होती है। डिजिटल ट्विन तकनीक के माध्यम से वर्चुअल सिमुलेशन कर आपात स्थितियों का पूर्वाभ्यास संभव होता है, जबकि रोबोटिक ऑटोमेशन निरीक्षण कार्य कर मानवीय जोखिम को कम करता है।
विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की डिजाइन, संचालन और रखरखाव में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विशेषकर डेटा सेंटर्स की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एआई आधारित शोध की आवश्यकता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के मॉडल न केवल जनपद बल्कि प्रदेश और देश स्तर पर भी महाविद्यालय का नाम रोशन करने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस अवसर पर एमएससी भौतिक विज्ञान के छात्र शिवांश मिश्रा, आकाश पाल, प्रिया यादव, रितु यादव, रोशनी मौर्य, तरन्नुम, फलक फातिमा, विमलेश कुमार सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

