पत्नी को छोड़कर दूसरी के साथ रह रहा पति, वर्षों से मायके में बच्ची के साथ रह रही पीड़िता
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न्याय के लिये चौकी—थाना का काट रही चक्कर
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के खोजनापुर गांव निवासी कल्पनाथ चौहान की पुत्री सविता चौहान ने न्याय की गुहार लगायी है। उसका कहना है कि उसका पति उसे छोड़कर किसी दूसरे के साथ रह रहा है जबकि वह अपने 4 वर्षीया पुत्री के साथ अपने मायके में जीवन काट रही है।पीड़िता के अनुसार उसकी शादी बक्शा थाना क्षेत्र के मझौली गांव निवासी नीरज चौहान के साथ हिन्दू रीति—रिवाज के साथ सन् 2018 में हुई थी। दोनों पति-पत्नी से एक बच्ची पैदा हुई जो इस समय 4 साल की है। इधर कुछ दिन बाद पति नीरज ने एक महिला को अपनाकर पत्नी सविता को घर से बेघर कर दिया। इतना ही नहीं, उसे घर से बाहर निकाल दिया। सविता लगभग 5 वर्षों से मायके में रहकर पति नीरज को पाने के लिये अथक प्रयास की परन्तु यह सभी हद को पार करते हुये नीरज को अपनी पत्नी पर जरा से रहम नहीं आ रहा है। पीड़िता के अनुसार उसका पति नीरज एक अन्य महिला को लेकर नगर के किसी नर्सिंग होम के पास किराये का कमरा लेकर रहता है। जब अपने पति से मिलने के लिये वहां गयी तो नर्सिंग होम संचालक सहित कई लोग मुझे धमकी देकर भगा दिये।
इतना ही नहीं, जानकारी होने पर नीरज फोन करके मुझे गाली देते हुये जानमाल की धमकी देता है। हताश व निराश होकर पीड़िता ने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर न्याय पाने की गुहार लगायी परन्तु निराशा के साथ कुछ हाथ नहीं लग रहा है। वहीं नीरज अपने जीवनसाथी को छोड़कर किराये रूपी पत्नी के साथ रह रहा है। इधर सविता अपने 4 साल बच्ची को लेकर दर-दर भटक रही है। न उसे पति का प्यार मिल रहा है और न ही ससुराल में ठिकाना।
ऐसे में सविता न्याय पाने के लिये चौकी—थाना का चक्कर लगा रही है परन्तु प्रशासन सविता के दर्द को अनदेखा करते हुये उसको न्याय दिलाने में कोसों दूर नजर आ रही है। सविता ने शासन—प्रशासन से मांग किया कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हमें मजबूरन बच्ची के साथ आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन—प्रशासन की होगी। फिलहाल अब देखना यह है कि पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं?


गलती आदमी की ही नहीं होती औरत की भी गलती होती हैं अगर कुछ चीज़ो को अनदेखा कर के साथ रहती तो आज दौड़ना नहीं पड़ता
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