ईंधन आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन सख्त, होटल-रेस्टोरेंट में घरेलू गैस के उपयोग पर चेतावनी
जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में होटल व रेस्टोरेंट संचालकों, एलपीजी कंपनियों के जनपद स्तरीय विक्रय अधिकारियों तथा खाद्य एवं रसद विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण उत्पन्न ईंधन आपूर्ति से जुड़ी संभावित कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देश दिया कि एलपीजी आधारित ईंधन की खपत को न्यूनतम स्तर पर रखने का प्रयास करें और इसके लिए वैकल्पिक संसाधनों पर कार्य करें।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में न किया जाए, क्योंकि यह पूर्णतः गैरकानूनी है। साथ ही प्रतिष्ठानों में अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों, विशेष रूप से सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। आवश्यकता पड़ने पर विद्युत आधारित उपकरणों, लकड़ी और कोयले आदि के उपयोग का भी सुझाव दिया गया।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि पकी हुई खाद्य सामग्री को बार-बार गर्म करने जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण रखते हुए ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आमजन से अपील की कि ईंधन आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। शासन और प्रशासन उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उपभोक्ता अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर, डीजल या पेट्रोल का भंडारण न करें। यह सूचना जिला प्रशासन द्वारा जनहित में जारी की गई है।

