रोज रोज चालान कट रहे हजार के पार फिर भी आदतों में नहीं हो रहा सुधार
जौनपुर। जनपद में यातायात के नियमों का उल्लघंन करने पर पुलिस रोज-रोज हजारों की संख्या में चालान काट रही है लेकिन लोगों के व्यवहार में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आ रहा है। अगर पिछले एक सप्ताह के चालान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते 11 मार्च को 837 चालान कटे हैं जो हजार से थोड़ा कम हैं। 6 मार्च को 1802, सात मार्च को 1446, आठ मार्च को 1272, नौ मार्च को 1291, दस मार्च को 1044, बारह मार्च को 1498 तथा तेरह मार्च को 1324 चालान काटे गए। इससे यह स्पष्ट है कि यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस सख्त हो गई है लेकिन लोग हैं कि न उन्हें चालान की चिंता है और न अपने जान की चिंता है।
वास्तव में यह समस्या केवल पुलिसिया समस्या नहीं है। मामला लोगों के समझ और संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है जिसके लिए कानूनी हथकंडों से अधिक व्यवहार परिवर्तन पर जोर देने की आवश्यकता है। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है समाज का प्रबुद्ध वर्ग स्वयं इन बातों पर अमल करके नैतिक प्रभाव उत्पन्न करे। सड़क पर सबसे विचित्र स्थिति तब दिखाई देती है जब पुलिस वाले बिना हेलमेट के चलते दिखते हैं और कुछ लोग केवल चालान से बचने के लिए हेलमेट को बाइक में बांधकर चलते हैं कि अगर कहीं सघन चेकिंग चल रही हो तो हेलमेट पहन लेंगे। जनपद में नये-नये हाइवे बन रहे हैं ।सड़कें विश्वस्तरीय मानक पर तेज रफ्तार वाली बन रहीं हैं और सड़क सुरक्षा को लेकर हम बीसवीं सदी में ही जी रहे हैं। शिक्षा और नैतिक प्रभाव पर बिना जोर दिये जमीनी हकीकत को बदलना बहुत कठिन है।

