नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में जागरूकता की गूंज, टीडी कॉलेज में हुआ भव्य आयोजन
जौनपुर। तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऐतिहासिक बलरामपुर सभागार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के समर्थन में एक भव्य, प्रेरणादायी एवं जागरूकता परक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने छात्र-छात्राओं में नारी सशक्तिकरण के प्रति नई चेतना का संचार किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राम आसरे सिंह ने की, जबकि संयोजन प्रोफेसर माया सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। संचालन डॉ. बालमुकुंद सेठ ने प्रभावी ढंग से किया।
अपने ओजस्वी अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राम आसरे सिंह ने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मुख्य धुरी है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि नारी सशक्तिकरण केवल कानूनों तक सीमित न रहकर समाज की सोच, व्यवहार और संस्कारों में भी परिलक्षित होना चाहिए।
संयोजिका प्रोफेसर माया सिंह ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नारी सम्मान और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बालमुकुंद सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि नारी सशक्तिकरण को जनांदोलन का रूप देना आवश्यक है। इसके लिए युवाओं को आगे आकर समाज में जागरूकता फैलानी होगी।
कार्यक्रम के दौरान अधिनियम के समर्थन में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। साथ ही छात्राओं द्वारा प्रभावशाली मानव श्रृंखला बनाकर नारी एकता और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक और प्रेरित कर दिया।
इस अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार सिंह, डॉ. आशारानी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, डॉ. विजय लक्ष्मी, डॉ. विजय लक्ष्मी सिंह, डॉ. अनुराग चौधरी, डॉ. बलवंत सिंह सहित महाविद्यालय के कर्मचारीगण—विक्रम सिंह, प्रकाश चंद गिरी, गोरखनाथ, अजय कुमार—तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समग्र रूप से यह आयोजन नारी सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के समर्थन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

