विदेश में हादसे का शिकार हुआ शाहगंज का मजदूर, अब जिंदगी बचाने की जंग
शाहगंज, जौनपुर। रोजी-रोटी और बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गया शाहगंज का एक गरीब पिता आज खुद जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। वार्ड संख्या 14 भादी निवासी मोहम्मद सलीम सलमानी का जीवन एक सड़क हादसे ने ऐसा बदला कि मेहनतकश हाथ अब दूसरों के सहारे को मजबूर हो गए हैं।
विदेश में काम करने गए सलीम सलमानी एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसा इतना भयावह था कि उनका एक पैर काटना पड़ा, जबकि कुल्हे और सीने की हड्डियां भी बुरी तरह टूट गईं। लंबे इलाज के बाद किसी तरह वतन लौटे सलीम अब बिस्तर पर जिंदगी काटने को मजबूर हैं।
परिवार की आर्थिक हालत पहले ही कमजोर थी, ऊपर से हादसे ने घर की सारी जमा-पूंजी निगल ली। सलीम ने बताया कि बेहतर इलाज के लिए उन्होंने बीएचयू वाराणसी, आरएमएल लखनऊ, पीजीआई और किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन पैसों की कमी के चलते इलाज अधूरा रह गया।
घर में छोटे-छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और रोजमर्रा की जरूरतों ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। कभी अपने बच्चों का सहारा बनने निकले सलीम आज खुद सहारे की तलाश में हैं।
आखिरकार पीड़ित सलीम सलमानी ने शाहगंज विधायक रमेश सिंह से मुलाकात कर अपनी दर्दभरी दास्तां सुनाई। उन्होंने प्रार्थना पत्र सौंपते हुए आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। सलीम का कहना है कि यदि सरकारी मदद और समुचित इलाज मिल जाए तो वह फिर से सामान्य जिंदगी की ओर लौट सकते हैं और अपने बच्चों का भविष्य संवार सकेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेहनत-मजदूरी कर परिवार पालने वाले सलीम की मदद के लिए सरकार और समाज को आगे आना चाहिए, ताकि एक बेबस पिता की जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके।

