बीएसए के औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की हकीकत
कहीं बच्चों संग बैठकर खाया एमडीएम, कहीं गंदगी पर फटकार तो कहीं शिक्षामित्र का मानदेय रोका
जौनपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था, छात्र उपस्थिति और मध्याह्न भोजन योजना की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में लापरवाही सामने आने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया गया।बीएसए ने सबसे पहले विकासखंड धर्मापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय शीतला चौकिया का निरीक्षण किया। सुबह 7:50 बजे तक विद्यालय में मात्र 14 छात्र उपस्थित मिले। छात्र उपस्थिति बेहद कम पाए जाने पर प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं अनुपस्थित शिक्षामित्र का मानदेय अगले आदेश तक रोक दिया गया। विद्यालय परिसर और किचन की साफ-सफाई बेहतर मिलने पर रसोइया को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कृत किया गया।
इसके बाद प्राथमिक विद्यालय सिद्दीकपुर, करंजाकला का निरीक्षण किया गया, जहां सभी शिक्षक उपस्थित मिले। विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता संतोषजनक पाए जाने पर बीएसए ने सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय खानपुर अकबर में निरीक्षण के दौरान विद्यालय का भौतिक परिवेश बेहद खराब मिला। विद्यालय परिसर में गंदगी, टूटी चहारदीवारी और जल निकासी न होने से जलभराव की समस्या पाई गई, जिससे बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इस पर बीएसए ने तत्काल नगर पालिका प्रशासन से वार्ता की। मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता और अध्यक्ष प्रतिनिधि ने एक माह के भीतर विद्यालय परिसर की स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया।
वहीं शाहगंज विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय तरसांवा में मध्याह्न भोजन व्यवस्था बेहद अव्यवस्थित मिली। बच्चे बिना किसी शिक्षक की निगरानी के एमडीएम ग्रहण कर रहे थे। इस पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए बच्चों को बरामदे में टाट-पट्टी पर व्यवस्थित बैठाया और स्वयं उनके साथ भोजन किया। एमडीएम की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापक सहित समस्त स्टाफ का निरीक्षण तिथि का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कम्पोजिट विद्यालय सिद्दीकपुर, करंजाकला में निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता अच्छी पाई गई। कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं आरुषि और विशेष ने ब्लैकबोर्ड पर लघुत्तम एवं महत्तम समापवर्तक के प्रश्न हल कर अपनी प्रतिभा दिखाई, जिस पर बीएसए ने दोनों विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया।

