शिक्षकों को मिला कैशलेस इलाज का तोहफा, पांच लाख तक मिलेगा मुफ्त उपचार
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का जौनपुर में हुआ सीधा प्रसारण, 1200 रुपये की डीबीटी राशि भी हुई हस्तांतरित
जौनपुर। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वाराणसी से आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सजीव प्रसारण देखा गया। इस दौरान शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना का शुभारंभ किया गया। साथ ही परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की डीबीटी राशि भी हस्तांतरित की गई।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों और रसोइयों तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए।
राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जिससे बेहतर उपचार के साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा।
राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने योजना को शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कहा कि डीबीटी से मिली धनराशि का उपयोग अभिभावक बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं पर ही करें। उन्होंने बताया कि जनपद निपुण भारत योजना में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही राज्यमंत्री के निर्देशानुसार अब सभी परिषदीय विद्यालयों में प्रत्येक माह पैरेंट्स मीटिंग आयोजित कर विद्यार्थियों की प्रगति और अनुशासन की जानकारी अभिभावकों से साझा की जाएगी।
कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला विद्यालय निरीक्षक, भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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