"रोड नहीं तो वोट नहीं" के नारों से गूंजा कलेक्ट्रेट, सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
सिकरारा-अजोसी मार्ग की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
जौनपुर। सिकरारा विकासखंड की ग्रामसभा सतलपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को "रोड नहीं तो वोट नहीं" के गगनभेदी नारों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। वर्षों से जर्जर पड़े सिकरारा-अजोसी मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि सड़क का निर्माण जल्द नहीं कराया गया तो आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने पर विवश होंगे।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि सिकरारा-अजोसी मार्ग पिछले 7-8 वर्षों से पूरी तरह बदहाल है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरसात में जलभराव होने से लोगों का आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। खराब सड़क के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती हैं।
ग्रामीणों ने मांग की कि सिकरारा-अजोसी मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर उसका पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर "रोड नहीं तो वोट नहीं" के नारों से गूंज उठा। ज्ञापन पर ग्रामसभा सतलपुर के बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी शामिल रहे।

