हिन्दुस्तान मानवाधिकार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने लाइन बाजार पुलिस पर लगाया अवैध हिरासत का आरोप, एसपी, डीएम व मानवाधिकार आयोग से की शिकायत
जौनपुर। लाइन बाजार थाना पुलिस पर हिन्दुस्तान मानवाधिकार संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी ज्ञान कुमार को कथित रूप से अपमानित कर लॉकअप में बंद करने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर संस्था के कैंप कार्यालय पर बुधवार को बैठक आयोजित की गई, जिसमें घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
संस्था के अनुसार 66 वर्षीय ज्ञान कुमार को 16 जुलाई को पारिवारिक भूमि विवाद के मामले में समझौते के लिए लाइन बाजार थाने बुलाया गया था। आरोप है कि थाने पहुंचने पर उन्हें बिना उचित प्रक्रिया अपनाए अपमानजनक तरीके से हवालात में बंद कर दिया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में पुलिस ने सरकारी अभिलेखों में गिरफ्तारी का स्थान और समय बदलकर दर्ज किया। साथ ही उनकी वास्तविक आयु 66 वर्ष के बजाय 59 वर्ष अंकित कर दी गई तथा बाद में विभिन्न धाराएं लगाई गईं। संस्था का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में कथित हेराफेरी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दंडनीय है।
ज्ञान कुमार ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित अन्य सक्षम अधिकारियों को भेजी है। वहीं हिन्दुस्तान मानवाधिकार संस्था के राष्ट्रीय महासचिव वकार हुसैन ने भी पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
संस्था ने बताया कि मामले की शिकायत मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को भी प्रेषित की गई है।
पुलिस का पक्ष:
इस मामले में लाइन बाजार थाना पुलिस का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

