BSA समीर का ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण, लापरवाही पर प्रधानाध्यापक का वेतन रोका
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सुबह 8:15 बजे से कई विकास खंडों के विद्यालयों का किया निरीक्षण, कम छात्र उपस्थिति और कमजोर शिक्षण पर जताई नाराजगी, नामांकन बढ़ाने के दिए निर्देश
जौनपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने शुक्रवार को सुबह से ही जनपद के मुफ्तीगंज, केराकत और डोभी विकास खंड के कई परिषदीय विद्यालयों का सघन औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, स्वच्छता और स्मार्ट क्लास संचालन की सराहना की गई, वहीं कुछ स्कूलों में कम छात्र उपस्थिति और कमजोर शैक्षणिक स्तर पर कड़ी नाराजगी जताई गई। गंभीर लापरवाही मिलने पर डोभी क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया, जबकि पूरे स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
निरीक्षण की शुरुआत सुबह 8:15 बजे विकास खंड मुफ्तीगंज के प्राथमिक विद्यालय ओझैनिया से हुई। यहां बीएसए स्वयं प्रार्थना सभा में शामिल हुए और बच्चों को नियमित विद्यालय आने तथा अनुशासन का महत्व बताया। विद्यालय में सभी शिक्षक उपस्थित मिले तथा 149 नामांकित विद्यार्थियों के सापेक्ष संतोषजनक उपस्थिति दर्ज की गई। कम्पोजिट ग्रांट, डीबीटी, मध्याह्न भोजन और विद्यालय की स्वच्छता की समीक्षा में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर पूरे स्टाफ की सराहना की गई।
इसके बाद सुबह 9 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय तरियारी (केराकत) पहुंचे, जहां 276 में से 205 विद्यार्थी उपस्थित मिले। स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन, उच्च शिक्षण स्तर, स्वच्छ परिसर और कम्पोजिट ग्रांट के बेहतर उपयोग को देखकर बीएसए ने प्रधानाध्यापक सहित पूरे स्टाफ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
सुबह 9:35 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय घुरुहरी में निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापिका माया सिंह मातृत्व अवकाश पर मिलीं, जबकि अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित थे। यहां 54 में से 39 विद्यार्थी उपस्थित मिले। बीएसए ने शिक्षकों को जनसंपर्क बढ़ाकर अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद प्राथमिक विद्यालय सरायवीरू में 126 में से 80 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। यहां सहायक अध्यापिका शशिकला विश्वकर्मा आकस्मिक अवकाश पर थीं। बीएसए ने शिक्षकों को अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने, 'स्कूल चलो अभियान' को गति देने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय चौरा में सभी शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन 95 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 49 विद्यार्थी ही विद्यालय पहुंचे थे। बच्चों से संवाद के दौरान उनका अधिगम स्तर कमजोर मिला। इस पर बीएसए ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षकों को शिक्षण कार्य में तत्काल सुधार करने, नियमित अभ्यास कराने और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की सख्त चेतावनी दी।
सबसे गंभीर स्थिति विकास खंड डोभी के कम्पोजिट विद्यालय कूपा में सामने आई। यहां 130 नामांकित विद्यार्थियों के सापेक्ष केवल 59 छात्र उपस्थित मिले। इसे पदीय दायित्वों में गंभीर लापरवाही मानते हुए बीएसए समीर ने प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।
दौरे के अंतिम चरण में प्राथमिक विद्यालय ककरापार, प्राथमिक विद्यालय चंदवक, पीएम श्री विद्यालय महादेवा तथा जूनियर हाई स्कूल महादेवा का निरीक्षण किया गया। यहां सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। बीएसए ने 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण की समीक्षा करते हुए शिक्षकों को शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, सभी शासकीय योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने तथा गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।

