जौनपुर के चर्चित डबल मर्डर-डकैती कांड का एक लाख का इनामी बदमाश STF मुठभेड़ में ढेर
2014 में शाहगंज में दवा व्यापारी के घर डकैती के दौरान मां-बेटी की हत्या कर हुआ था फरार, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में 21 से अधिक मुकदमे दर्ज
जौनपुर। शाहगंज क्षेत्र के बहुचर्चित वर्ष 2014 के डबल मर्डर और डकैती कांड का मुख्य वांछित आरोपी तथा एक लाख रुपये का इनामी बदमाश आसिफ उर्फ विक्की छैमार मंगलवार को यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ मंगलवार सुबह जनपद अंबेडकरनगर के थाना भीवाना क्षेत्र में हुई। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल आसिफ को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू उर्फ मजहर निवासी मकनपुर, थाना बिल्हौर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई। उसके कब्जे से 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया, भारी मात्रा में कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
एसटीएफ के अनुसार आसिफ अपने गैंग के साथ घरों में लोगों को बंधक बनाकर डकैती करता था और विरोध करने पर हत्या करने से भी नहीं चूकता था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में डकैती, हत्या और लूट समेत 21 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
शाहगंज में मचाया था खूनी तांडव
23 अप्रैल 2014 की रात शाहगंज थाना क्षेत्र के नई आबादी, खुटहन रोड स्थित दवा व्यापारी धीरज सिंह के घर में आसिफ और उसके साथियों ने धावा बोलकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया था। डकैती के दौरान परिवार के पांच सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। इस वारदात में धीरज सिंह की 23 वर्षीय बेटी स्वाति सिंह और 45 वर्षीय पत्नी सुमन सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बदमाश लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में आसिफ लंबे समय से फरार था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इन सनसनीखेज वारदातों में भी था वांछित
19 अक्टूबर 2013: सुल्तानपुर में घर में घुसकर हत्या के बाद डकैती।
23 अप्रैल 2014: शाहगंज (जौनपुर) में डबल मर्डर और डकैती।
15 अगस्त 2015: कौशांबी के कोखराज में डकैती के दौरान दंपति की हत्या।
19 अगस्त 2015: मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र में एक ही रात छह घरों में डकैती, एक महिला को गंभीर रूप से घायल किया।
13 जनवरी 2021: कानपुर देहात के रसूलाबाद में तासीम की हत्या।
एसटीएफ के अनुसार आसिफ वर्ष 2013 के सुल्तानपुर हत्याकांड, वर्ष 2014 के जौनपुर डबल मर्डर-डकैती कांड तथा वर्ष 2015 के मुजफ्फरनगर डकैती कांड में लंबे समय से वांछित चल रहा था। उसके मारे जाने के साथ ही प्रदेश के कई चर्चित मामलों का एक अहम आरोपी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं बच सका।

