सीएमओ के औचक निरीक्षण से खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, दो पीएचसी में डॉक्टर समेत कई कर्मचारी मिले गायब
रंजीतपुर और परियावा में लापरवाही उजागर, वेतन रोकने के निर्देश; कुद्दूपुर में व्यवस्था मिली संतोषजनक
जौनपुर। जनपद की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर बुधवार को उस समय सामने आ गई, जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम ने तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में दो स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एएनएम, वार्ड बॉय और लैब टेक्नीशियन सहित कई कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंजीतपुर के निरीक्षण में डॉ. तूईना समीम, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र यादव और लैब टेक्नीशियन प्रभावती मौर्य ड्यूटी से नदारद मिले। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों के वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों को समय से उपस्थित होकर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परियावा में भी स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर हुईं। यहां चिकित्सा अधिकारी, वार्ड बॉय और एएनएम अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इनके भी वेतन रोकने के आदेश दिए। हालांकि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक मिली। फार्मासिस्ट को डीवीडीएम पोर्टल पर दवाओं से संबंधित सभी प्रविष्टियां समयबद्ध ढंग से अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुद्दूपुर का निरीक्षण अपेक्षाकृत बेहतर रहा। यहां सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित मिले तथा टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित होता पाया गया। सीएमओ ने चिकित्सा प्रभारी को एचपीवी वैक्सीन के तहत पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और सभी प्रविष्टियां समय पर ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
सीएमओ के औचक निरीक्षण ने यह साफ कर दिया कि जिले के कुछ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली अब भी सवालों के घेरे में है। यदि नियमित निरीक्षण होते रहें तो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ लापरवाह कर्मचारियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

