दो दिनों की बारिश से खेत हुए लबालब, किसानों के चेहरे खिले
बारिश के चलते भीषण उमस से लोगों को राहत मिली है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं सावन माह में अब तक सूखी पड़ी बसुही नदी में भी पानी का बहाव तेज हो गया है और नदी तटबंध के करीब तक भर गई है।
बामी गांव के किसान रवीन्द्र सिंह ने बताया कि पानी के अभाव में जिन किसानों की धान की रोपाई अधूरी थी, वे अब तेजी से रोपाई पूरी कर सकेंगे। वहीं जिन किसानों ने पहले ही रोपाई कर ली है, वे अब फसल की बढ़वार के लिए उर्वरकों के छिड़काव की तैयारी में जुट गए हैं।
किसानों का मानना है कि समय पर हुई इस बारिश से धान की फसल को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही भूमिगत जलस्तर में भी सुधार होगा, जिससे आने वाले दिनों में सिंचाई की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। किसानों को उम्मीद है कि यदि मौसम इसी तरह मेहरबान रहा तो इस वर्ष धान का उत्पादन बेहतर होगा।

