अभिभावक-शिक्षक मासिक बैठकों में बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर जोर
जौनपुर। शासन के निर्देशों के क्रम में तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर के निर्देशन में जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक मासिक बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों का उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों की नियमित उपस्थिति, शैक्षिक गुणवत्ता एवं अधिगम स्तर में अपेक्षित सुधार लाना रहा।
बैठकों में अभिभावकों को बच्चों को प्रतिदिन समय से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों की नियमित उपस्थिति का उनके सीखने के स्तर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों की पढ़ाई में घर पर भी रुचि लें, विद्यालय से दिए गए गृहकार्य को पूरा कराने में सहयोग करें तथा बच्चों की प्रगति के संबंध में शिक्षकों से नियमित संवाद बनाए रखें।
बैठक में निपुण भारत मिशन एवं बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (एफएलएन) पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों के पढ़ने, लिखने, समझने तथा बुनियादी गणितीय दक्षताओं की जानकारी दी। बच्चों के वर्तमान अधिगम स्तर के आधार पर उनकी प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर अधिगम स्तर वाले बच्चों पर विशेष ध्यान देने और उनके लिए अतिरिक्त अभ्यास कराने की आवश्यकता बताई गई।
अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक सुविधाओं, बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं तथा शासन की ओर से दिए जा रहे लाभों की जानकारी भी दी गई। नवीन नामांकित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से आवश्यक अभिलेख एवं आधार संबंधी प्रक्रिया समय से पूर्ण कराने का अनुरोध किया गया, ताकि पात्र विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय से मिल सके।
बैठकों में बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल तथा विद्यालय परिसर की स्वच्छता को लेकर भी जागरूक किया गया। अभिभावकों से बच्चों को स्वच्छ एवं स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। साथ ही विद्यालय में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं नियमितता को लेकर भी अभिभावकों से फीडबैक लिया गया।
शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों से अवगत कराया गया तथा नियमित विद्यालय आने वाले और बेहतर अधिगम स्तर प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया। कई विद्यालयों में ऐसे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित कर बच्चों में पढ़ाई और नियमित उपस्थिति के प्रति उत्साह बढ़ाने का संदेश दिया गया।
बैठक के दौरान अभिभावकों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को भी सुना गया। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ड्रॉपआउट रोकने, नामांकन में वृद्धि करने तथा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षक और अभिभावक मिलकर कार्य करने पर जोर दिया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने कहा कि विद्यालय और अभिभावक एक-दूसरे के सहयोगी हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल विद्यालय में पढ़ाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि घर पर भी अभिभावकों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर पर नियमित नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार विशेष शिक्षण गतिविधियां संचालित की जाएं और अभिभावकों को बच्चों की प्रगति से लगातार अवगत कराया जाए।
उन्होंने कहा कि अभिभावक-शिक्षक बैठक को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानते हुए इसे बच्चों की शैक्षिक प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जाए। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के अधिगम स्तर में निरंतर सुधार हो सके।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में आयोजित इन बैठकों में शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय सहभागिता रही। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ते हुए उसकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और उसे गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराना है।

