महंगाई के बीच चीनी पर प्रशासन की पैनी नजर, छापेमारी अभियान से मचा हड़कंप
त्योहारों से पहले कालाबाजारी पर शिकंजा, छह बड़े डीलरों के गोदाम खंगाले; कहीं भी तय सीमा से अधिक स्टॉक नहीं मिला
जौनपुर। महंगाई की मार से जहां आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ रहा है, वहीं त्योहारों का मौसम शुरू होते ही चीनी के दाम और उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है। रक्षाबंधन समेत आगामी त्योहारों में मिठाई और मीठे पकवानों का स्वाद कहीं महंगाई फीका न कर दे, इसे लेकर जिला प्रशासन ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी तेज कर दी है।
शनिवार को जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग ने जिलेभर में चीनी कारोबारियों और डीलरों के गोदामों पर स्टॉक जांच अभियान चलाया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अमित द्विवेदी के नेतृत्व में अधिकारियों ने अलग-अलग तहसीलों में चीनी के स्टॉक की पड़ताल की। अचानक चले अभियान से चीनी कारोबारियों में खलबली मच गई।
जिला मुख्यालय पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी ने संयुक्त रूप से तहसील सदर क्षेत्र में चीनी डीलरों के स्टॉक का निरीक्षण किया। वहीं शाहगंज तहसील में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक शाहगंज की टीम ने जांच की। तहसील मड़ियाहूं में विपणन निरीक्षक एवं पूर्ति निरीक्षक रामपुर ने विभिन्न डीलरों के गोदामों का जायजा लिया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और अभिलेखों से उसका मिलान किया।
प्रशासन ने सभी चीनी डीलरों को स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत कर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की अद्यतन सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
इसके साथ ही कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि चीनी का स्टॉक 30 दिन से अधिक अवधि तक भंडारित न किया जाए। प्रशासन की नजर अब चीनी के बाजार भाव के साथ-साथ गोदामों में जमा स्टॉक पर भी रहेगी।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित स्टॉक सीमा का उल्लंघन करने वाले व्यापारी या डीलर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के दौरान चीनी की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमत बढ़ाने, जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर भी विभाग कार्रवाई करेगा।
फिलहाल शनिवार को चले अभियान में सभी जांचे गए डीलरों के यहां स्टॉक निर्धारित सीमा के भीतर मिला है। त्योहारों से पहले प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि चीनी की जमाखोरी कर बाजार में कृत्रिम महंगाई पैदा करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है।
रक्षाबंधन समेत आगामी त्योहारों में मिठाई की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए चीनी की उपलब्धता बेहद अहम है। ऐसे में प्रशासन का यह अभियान न केवल चीनी की कालाबाजारी रोकने बल्कि बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

