जौनपुर में एक ही दिन में हजारों विवादों का समाधान, मोटर दुर्घटना के 121 मामलों में 8.03 करोड़ की क्षतिपूर्ति
जौनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में न्यायालयों, राजस्व न्यायालयों तथा विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 59,218 मामलों का निस्तारण किया गया। मामलों के निस्तारण में कुल 22 करोड़ 57 लाख 60 हजार 855 रुपये की समझौता राशि तय हुई।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत रणजीत कुमार तथा सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह की देखरेख में लोक अदालत की कार्रवाई हुई।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के न्यायालय में क्षतिपूर्ति के 135 मामले लगाए गए। इनमें से 121 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ित याचियों को कुल 8 करोड़ 3 लाख 16 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
वहीं पारिवारिक न्यायालयों में 70 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इनमें पीड़ित पक्ष को 38 लाख 10 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
अपर जिला जज चतुर्थ के न्यायालय द्वारा विद्युत वसूली से संबंधित 619 वादों का निस्तारण किया गया। विभिन्न न्यायालयों में 5,138 शमनीय फौजदारी वाद निस्तारित हुए और इनमें 5 लाख 79 हजार 220 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
एनआइ एक्ट के 10 मामलों समेत अन्य प्रकृति के 1,405 मामलों का भी निस्तारण हुआ। सिविल न्यायालयों ने 84 मामलों का निस्तारण किया। उत्तराधिकार संबंधी मामलों में 13 लाख 73 हजार 171 रुपये के प्रमाण पत्र जारी किए गए।
राजस्व न्यायालयों में फौजदारी के 2,376, राजस्व के 735 तथा अन्य प्रकृति के 47,442 मामलों का निस्तारण किया गया। नगर पालिका से संबंधित जलकर के 83 वाद भी निपटाए गए।
बैंक, वित्तीय कंपनियों और बीएसएनएल आदि की वसूली से संबंधित 1,135 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 13 करोड़ 32 लाख 24 हजार चार रुपये की समझौता राशि तय की गई।
स्थायी लोक अदालत में 18 मामले लगाए गए, जिनमें 12 मामलों का निस्तारण करते हुए 54 लाख 52 हजार 544 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
लोक अदालत के अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, स्टिक और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। द मर्सी क्लब की ओर से महिलाओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सोनी ट्रेड (दर्जी) और दिनेश प्रजापति ट्रेड (कुम्हार) को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत विष्णु गोस्वामी और चंदन गुप्ता को संबंधित बैंकों के माध्यम से पांच-पांच लाख रुपये के ऋण वितरित किए गए।
सहायक श्रमायुक्त कार्यालय की ओर से कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम 1923 के तहत सुशीला देवी पत्नी स्व. संतोष कुमार, निवासी गोहना, मछलीशहर को 19 लाख 41 हजार 653 रुपये का चेक प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के तहत पवन सिंह को 60 हजार, सुजीत कुमार को 80 हजार, राजेश कुमार विश्वकर्मा को 75 हजार और विकास कुमार को 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति के चेक दिए गए।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रीति श्रीवास्तव, न्यायिक अधिकारी, समस्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं फौजदारी न्यायिक अधिकारी, मध्यस्थ, कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

