जफराबाद में 2.75 करोड़ रुपये से बनेंगे पुलिया व पहुंच मार्ग, विधायक जगदीश नारायण राय ने जताया सरकार का आभार
लोक निर्माण विभाग के लोक निर्माण अनुभाग-6 की ओर से पांच सितंबर 2026 को जारी शासनादेश में जौनपुर के इन चार महत्वपूर्ण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। शासन की ओर से जारी स्वीकृति के बाद संबंधित क्षेत्रों में पुलिया निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। इन कार्यों के पूरा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ ही विद्यार्थियों, किसानों, श्रमिकों और अन्य राहगीरों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
जफराबाद के विधायक एवं पूर्व मंत्री जगदीश नारायण राय ने स्वीकृति पर प्रदेश सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन के लिए सड़क के साथ पुल-पुलिया का निर्माण भी बेहद जरूरी है। बरसात के दौरान छोटे-बड़े नालों के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे स्थानों पर लघु सेतु बन जाने से ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी और उन्हें पानी कम होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इन स्थानों पर बनेंगे लघु सेतु
शासनादेश के अनुसार राजापुर इटायें डेडारपुर में पानी की टंकी के पास नाले पर 2×5×4 मीटर बाक्स कलवर्ट एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 51.06 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10.21 लाख रुपये का आवंटन किया गया है।
इसी क्रम में ग्रामसभा सुल्तानपुर में उत्तरगांव-बिहरोजपुर नाला पर बिहरोजपुर में 2×4×4 मीटर स्पान पुलिया, पहुंच मार्ग और अतिरिक्त पहुंच मार्ग का निर्माण होगा। इस कार्य पर 62.26 लाख रुपये खर्च होंगे। चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 12.45 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
ग्रामसभा सुल्तानपुर में उत्तरगांव-सुल्तानपुर नाले पर 4×4×4 मीटर बाक्स कलवर्ट तथा पहुंच मार्ग और अतिरिक्त पहुंच मार्ग भी बनाया जाएगा। इस कार्य की लागत 108.01 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह चारों स्वीकृत कार्यों में सबसे अधिक लागत वाला कार्य है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 21.60 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
वहीं विकासखंड जलालपुर में विभनमऊ मार्ग पर मौर्या बस्ती, यादव बस्ती और जूनियर हाईस्कूल के पास नाले पर 2×5×5 मीटर बाक्स कलवर्ट एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 54.17 लाख रुपये है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10.83 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।
बारिश में सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीण क्षेत्रों में नालों पर स्थायी पुलिया नहीं होने अथवा पुराने छोटे मार्गों के कारण बारिश के मौसम में आवागमन सबसे अधिक प्रभावित होता है। पानी बढ़ने पर ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है तो किसानों को खेतों तक पहुंचने और उपज बाजार तक ले जाने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में स्वीकृत लघु सेतु ग्रामीण अर्थव्यवस्था और दैनिक आवागमन दोनों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
विधायक बोले, विकास कार्यों को मिल रही गति
विधायक जगदीश नारायण राय ने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को मुख्य मार्गों से बेहतर तरीके से जोड़ना प्राथमिकता है। जिन स्थानों पर नालों के कारण आवागमन बाधित होता है, वहां पुलिया और पहुंच मार्ग बनने से लोगों की समस्या स्थायी रूप से कम होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी सड़क, पुलिया तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इन चारों लघु सेतुओं के निर्माण से संबंधित गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर बरसात में जलभराव और नालों के कारण बाधित होने वाले रास्तों पर आवागमन सुचारू हो सकेगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अब ग्रामीणों की नजर निर्माण कार्य शुरू होने पर है।


बहुत बढ़िया
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