तीन दिन की बारिश ने उजाड़ दिए तीन आशियाने, भरभराकर गिरे कच्चे मकान
मलबे में दबा गृहस्थी का सामान, एक घायल; खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुए परिवार
सरायख्वाजा, जौनपुर। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने हड़ही गांव में तीन परिवारों की वर्षों की गृहस्थी उजाड़ दी। शनिवार की रात अलग-अलग स्थानों पर तीन कच्चे मकान अचानक भरभराकर धराशायी हो गए। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हादसे के समय परिजन किसी तरह मलबे की चपेट में आने से बच गए। हालांकि मकान गिरने से विनोद कुमार घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें तत्काल निजी चिकित्सक के यहां ले जाकर उपचार कराया।
जानकारी के अनुसार हड़ही गांव निवासी विनोद कुमार, अमरासी पत्नी स्व. शिवराम और वीरेंद्र गौतम के कच्चे मकान लगातार बारिश के कारण काफी कमजोर हो गए थे। शनिवार की रात अचानक तीनों मकान एक के बाद एक भरभराकर गिर पड़े। हादसे के बाद घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, चारपाई और अन्य गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर खराब हो गया।
पलक झपकते मलबे में बदल गई वर्षों की गृहस्थी
कच्चे मकानों के धराशायी होने के बाद तीनों परिवारों के सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। जिन घरों में परिवार वर्षों से अपनी जिंदगी गुजार रहे थे, वे कुछ ही क्षणों में मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। प्रभावित परिवारों के पास अब सिर छिपाने के लिए सुरक्षित जगह तक नहीं बची है।
परिजनों के अनुसार वे कच्चे मकान में रहकर किसी तरह बारिश के दिनों को काट रहे थे, लेकिन लगातार पानी बरसने से मकान की दीवारें और नींव कमजोर होती चली गईं। शनिवार की रात अचानक मकान गिरने से परिवार के लोग सहम गए। बारिश जारी रहने के कारण मलबे में दबे सामान को निकालकर सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो रहा है।
घायल विनोद का कराया गया उपचार
मकान गिरने की चपेट में आने से विनोद कुमार घायल हो गए। परिजनों ने बिना देर किए उन्हें निजी चिकित्सक के यहां पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया। हादसे में परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए।
घटना की जानकारी पीड़ित परिवारों ने ग्राम प्रधान को दी। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया।
प्रशासन से मदद और पक्के मकान की मांग
मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश के बीच उनके सामने रहने की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा अन्य सरकारी योजना के तहत पक्का आवास दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों में जान-माल का नुकसान न हो।

