तीन महीने से अटका शिक्षकों का पैसा, बीएसए ने लगाई फटकार
जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में शिक्षकों के जीपीएफ फंड लोन के प्रकरण लंबित हैं। कई शिक्षकों को परिवार में उपचार, वैवाहिक कार्यक्रम अथवा अन्य जरूरी कार्यों के लिए धन की आवश्यकता है। ऐसे में पूर्व में ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत किए गए जीपीएफ फंड लोन के मामलों का शीघ्र भुगतान किया जाना शिक्षक हित में जरूरी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. समीर कुमार ने संबंधित पत्रावलियों को देख रहे खंड शिक्षा अधिकारी रविशंकर यादव को अपने कक्ष में बुलाया और लंबित प्रकरणों का त्वरित गति से निस्तारण करने का निर्देश दिया। बीएसए ने कहा कि पूर्व में प्रस्तुत लंबित प्रकरणों का निस्तारण कराया जाएगा। इसके बाद जीपीएफ फंड अथवा अन्य ऋण के भुगतान के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे व्यवस्था अधिक सुचारु हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने 69 हजार शिक्षक भर्ती के शिक्षकों के विशेष ऑनलाइन अवकाश स्वीकृत करने, जनगणना ड्यूटी एवं गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा मातृत्व अवकाश पर चल रही शिक्षिकाओं के प्रशिक्षण से संबंधित समस्याओं के समाधान की भी मांग की।
शिक्षक नेता अरविंद शुक्ला ने कहा कि संगठन शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। उन्होंने बीएसए द्वारा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए जाने पर आभार जताया।
इस दौरान शैलेंद्र पाल, अनिल कनौजिया, पवन सिंह, नागेंद्र प्रजापति, वेद प्रकाश, गौरव सिंह, अजय यादव, वंदन यादव, श्रेया सिंह, नीतू पाल, डॉ. विनोद कुमार पाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

