पूर्व शिक्षा चयन आयोग चेयरमैन पर जानलेवा हमला, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के पिडरा गांव निवासी माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन प्रो. डा. आशाराम ने एक व्यक्ति पर हमला कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना की सूचना देने के बावजूद जफराबाद पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही उनका मेडिकल कराया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
एसपी को दिए शिकायती पत्र में प्रो. डा. आशाराम ने बताया कि 12 सितंबर को वह सुबह टहल रहे थे। इसी दौरान पिडरा ग्राम पंचायत के सामने मुन्ना लाल यादव निवासी पिडरा ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और पूर्व में दर्ज मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। आरोप है कि मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी देते हुए उनके साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर आनंदमणि व सुनील मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया।
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना जफराबाद थाने को दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही मेडिकल कराया। शिकायती पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे प्रदेश सरकार के एक मंत्री की कथित भूमिका और उनके संरक्षण की आशंका है। उनका कहना है कि पूर्व में दर्ज मुकदमे में नेता को भी अभियुक्त बनाया गया है।
पूर्व चेयरमैन ने पुलिस अधीक्षक से जफराबाद थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।

