समर्पण सेवा संस्थान के डांडिया महोत्सव में झलकी भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा, 750 से अधिक लोग हुए शामिल
मां दुर्गा की स्तुति और आरती से हुआ शुभारंभ, गरबा-डांडिया के जरिए नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेश
जौनपुर। समर्पण सेवा संस्थान की ओर से शनिवार को बाजिदपुर तिराहा स्थित पालक मैरिज हॉल में भव्य फैमिली डांडिया महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव में 750 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, मनमोहक गरबा-डांडिया प्रस्तुतियों और मां दुर्गा की स्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय एवं उत्सवमय हो उठा। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, सामाजिक एकता और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की स्तुति एवं आरती के साथ हुआ। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। संगीत की धुन पर थिरकते प्रतिभागियों के उत्साह और उमंग ने महोत्सव को यादगार बना दिया। विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों और परिवारों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा सामूहिक डांडिया के माध्यम से आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश की।
महोत्सव के अंतर्गत बेस्ट ड्रेस, बेस्ट डांडिया लुक और नृत्य समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार रखे गए थे। बेस्ट ड्रेस प्रतियोगिता में डॉ. प्रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मनमोहक नृत्य प्रस्तुति के लिए शालिनी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में शाहगंज से आईं खुशबू जायसवाल, डॉ. अंजू कनौजिया और डॉ. आकांक्षा त्रिवेदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए सराहनीय निर्णय दिए।
समर्पण सेवा संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष ज्योति श्रीवास्तव ने कहा कि गरबा और डांडिया भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़े उत्सव हैं। मां दुर्गा की स्तुति और आरती के साथ ऐसे आयोजन करने का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं को जीवंत बनाए रखना है। जब बच्चे और युवा पारंपरिक वेशभूषा में गरबा-डांडिया करते हैं, तो वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझते हैं और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं।
उन्होंने कहा कि समर्पण सेवा संस्थान भविष्य में भी सेवा, संस्कृति, सामाजिक एकता और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करता रहेगा।
कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंधक डॉ. मिथिलेश श्रीवास्तव, संरक्षण मंडल से प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. प्रियंवदा, मृदुला श्रीवास्तव, सचिव आशीष श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सोनी जायसवाल, मनीष श्रीवास्तव, असगर, आदर्श सिंह, संजीत सिंह, दिलीप जायसवाल, यामिनी सिंह और पूजा श्रीवास्तव सहित अनेक सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
इसके अलावा व्यापार मंडल अध्यक्ष राधे रमन, जेसीआई अध्यक्ष अंजनी प्रजापति, शांत फाउंडेशन से कल्पना गुप्ता, दीप्ति, सुधीर श्रीवास्तव और उमाकांत श्रीवास्तव सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और परिवारों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन अतुल और नूपुर ने किया। उनकी प्रभावशाली एंकरिंग ने पूरे आयोजन में उत्साह और उमंग बनाए रखी। आकर्षक मंच सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी, मधुर संगीत और पारंपरिक परिधानों से सजे प्रतिभागियों ने महोत्सव की रौनक बढ़ा दी।
अंत में ज्योति श्रीवास्तव ने अतिथियों, निर्णायक मंडल, सहयोगियों, पदाधिकारियों, सदस्यों और उपस्थित परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया। सामूहिक सहभागिता और उत्साह के बीच समर्पण सेवा संस्थान का डांडिया महोत्सव सांस्कृतिक गौरव एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

