पितरों की मोक्ष कामना को गया धाम रवाना हुए सैकड़ों श्रद्धालु
ढोल-मजीरे की धुन पर नाचते-गाते ग्रामीणों ने दी भावभीनी विदाई
जौनपुर। पितृपक्ष में पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान की परंपरा निभाने के लिए बदलापुर विकासखंड के फिरोजपुर समेत आसपास की कई ग्राम सभाओं से सैकड़ों श्रद्धालु बिहार स्थित गया धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को ग्रामीणों ने ढोल-मजीरे और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए उत्सव के माहौल में विदाई दी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में गया धाम में पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न होने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान और तर्पण के लिए गया धाम की यात्रा करते हैं।
फिरोजपुर ग्राम सभा से शिवनारायन शुक्ला समेत कई दंपती भी गया धाम के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों ने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी परंपरा, संस्कार और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा से जुड़ने का माध्यम भी है।
श्रद्धालुओं के रवाना होने से पहले गांव में विदाई समारोह जैसा माहौल रहा। ढोल-मजीरे और डीजे की धुन पर ग्रामीण नाचते-गाते नजर आए। क्षेत्रवासियों और रिश्तेदारों ने श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इसके बाद सकुशल यात्रा और पिंडदान का अनुष्ठान पूर्ण होने की कामना के साथ उन्हें विदा किया गया।
श्रद्धालुओं की गया यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और धार्मिक माहौल बना रहा।

