श्रद्धा एवं आस्था के साथ पूजी गयीं मां जियुतिया
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जौनपुर। श्रद्धा एवं आस्था के साथ मां जियुतिया का पूजन—अर्चन किया गया। व्रती महिलाएं अपने पुत्र की लम्बी उम्र के लिए 24 घंटे निराजल उपवास रहती हैं, इसलिए इसका नाम जीवितपुत्रिका पड़ा। शुक्रवार की रात फलाहरी करके महिलाएं रविवार की सुबह पूजन अर्चना करके व्रत तोड़ेंगी। आराजी सुक्खीपुर बभनी पर श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में दूर दराज शकरमंडी, आराजी गुरजीखानी, सुक्खीपुर, भंडारी, इशापुर, उर्दू बाजार से महिलाएं पूजन अर्चना के लिए आती हैं। सौ साल पहले का मंदिर आज भी आस्था का केंद्र बना हुआ है। व्रती महिलाओं के साथ परिजन भी अपने अपने बच्चों को लिवाकर पहुंचे हुए थे। चिल्हो और सियारो की कथा सुनाई जा रही थी। मेले जैसा दृश्य रहा जहां झूला पर बच्चे आनंद ले रहे थे। चाट की दुकान पर भीड़ लगी हुई थी। देर शाम तक महिला श्रद्धालुओं का रेला आता रहा। तेरस सोनकर, रंजीत सोनकर, मोनू सोनकर, बादल सोनकर, संजय सोनकर समेत अन्य लोग सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे।

