नवविवाहिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार का इंतजार, पिता की राह देख रहा परिवार
नेपाल ले जाते समय सीमा पर रोका गया शव, पुलिस कार्रवाई के बाद हुआ पोस्टमार्टम; आठ अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
जौनपुर। शाहगंज क्षेत्र में नेपाली नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार का इंतजार किया जा रहा है। मृतका के पिता के आने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया गया है। नेपाल ले जाते समय सीमा पर शव रोके जाने के बाद परिजनों को वापस लौटना पड़ा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद 10 अक्टूबर को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि, मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान नेपाल के कैलाली जिले के कटासी निवासी सरिता (20) पत्नी गणेश के रूप में हुई है। सितंबर में शादी के बाद वह अपने पति के साथ शाहगंज आई थी। बताया जाता है कि वह अपनी मां के साथ नगर से सटे डिहवा भादी गांव में रह रही थी। उसकी मां वहां एक मकान की रखवाली करती थी।
बताया जाता है कि आठ अक्टूबर की रात सरिता सोने गई थी। सुबह काफी देर तक नहीं उठने पर परिजनों को चिंता हुई। बाद में उसकी मौत की जानकारी होने पर परिवार में मातम छा गया। नवविवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
सरिता की मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर नेपाल जा रहे थे। इसी दौरान सीमा पर आवश्यक पुलिस कार्रवाई का हवाला देकर उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस लौटे और शाहगंज पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस की कार्रवाई के बाद 10 अक्टूबर को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर लौट आए। इसके बाद मृतका के पिता परशुराम के पहुंचने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया गया। परिवार उनके आने का इंतजार कर रहा है। उधर, शव को बर्फ पर सुरक्षित रखने के बावजूद दुर्गंध फैलने से आसपास के लोगों को परेशानी होने की बात सामने आई है।
सरिता की मौत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल परिवार में शोक का माहौल है और सभी की निगाहें मृतका के पिता के पहुंचने पर टिकी हैं।

