कुंभकरण और मेघनाद वध का मंचन, सुलोचना के विलाप ने दर्शकों को किया भावुक
हुसेनाबाद की रामलीला में उमड़ी भीड़, कैबिनेट मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कलाकारों का बढ़ाया उत्साह
जौनपुर। हुसेनाबाद स्थित रामलीला समिति की ओर से सोमवार की रात कुंभकरण वध, मेघनाद वध और सुलोचना सती प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। युद्ध के दृश्यों ने जहां दर्शकों में उत्साह भर दिया, वहीं पति मेघनाद की मृत्यु के बाद सुलोचना के करुण विलाप ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। रामभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में देर रात तक दर्शक रामलीला का आनंद लेते रहे।
रामलीला देखने के लिए प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंचे। उन्होंने मंचन का अवलोकन किया और कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। यदि हम भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारत की त्यागमयी परंपरा को अपने जीवन में आत्मसात कर लें तो हमारा जीवन सफल हो सकता है।
मंचन के दौरान कलाकारों ने लंका युद्ध के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कुंभकरण के युद्ध में उतरने से लेकर उसके वध तक के दृश्यों ने दर्शकों में रोमांच पैदा किया। इसके बाद मेघनाद और भगवान श्रीराम की सेना के बीच हुए युद्ध का मंचन किया गया। मेघनाद वध के दृश्य के बाद सुलोचना अपने पति के वियोग में विलाप करती नजर आईं। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और रामलीला स्थल पर कुछ देर के लिए शोकपूर्ण वातावरण छा गया।
हुसेनाबाद की रामलीला में स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं। रामायण के प्रसंगों का मंचन न केवल दर्शकों को धर्म और भक्ति से जोड़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के आदर्शों से परिचित कराने का भी माध्यम बनता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रामभक्त और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। रामलीला समिति की ओर से आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र में भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बना दिया।

