42 साल बाद महासमिति के मंच पर पहुंचीं संस्थापक स्व. सुशील वर्मा की पत्नी रीता, भावुक हुआ सम्मान समारोह
चार दशक से अधिक के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा आयोजन, अतिथियों ने कहा- सुशील वर्मा के सामाजिक योगदान में रीता वर्मा की भूमिका अविस्मरणीय
जौनपुर। श्री लक्ष्मी पूजा महासमिति (ट्रस्ट) ने अपने संस्थापक स्व. सुशील वर्मा एडवोकेट की पत्नी रीता वर्मा को सम्मानित कर एक भावुक और ऐतिहासिक पहल की। महासमिति के लगभग 42 वर्षों के सफर में यह पहला अवसर था, जब संस्थापक की पत्नी रीता वर्मा अपनी पुत्री स्नेहा वर्मा के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके समारोह में पहुंचते ही उपस्थित लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान पूरा माहौल भावनात्मक हो उठा।सम्मान समारोह में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष एवं सखी वेलफेयर ट्रस्ट की संस्थापक-अध्यक्ष प्रीति गुप्ता ने रीता वर्मा को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि स्व. सुशील वर्मा ने जिस धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य के साथ महासमिति की स्थापना की थी, उसे आगे बढ़ाने में उनके परिवार का योगदान भी सदैव स्मरणीय रहेगा।
मंचासीन अतिथियों में सपा नेता डॉ. विवेक यादव, भाजपा नेता इंजीनियर कृष्ण कुमार जायसवाल मुन्नू, सपा नेता जगदीश प्रसाद मौर्य गप्पू, मुख-जबड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत द्विवेदी तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार जायसवाल उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता महासमिति के संरक्षक डॉ. राम नारायण सिंह ने की, जबकि संचालन संरक्षक रामजी जायसवाल ने किया।
उल्लेखनीय है कि स्व. सुशील वर्मा एडवोकेट ने 30 अक्टूबर 1984 को श्री लक्ष्मी पूजा महासमिति की स्थापना की थी। कोरोना काल में बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। हालांकि, उनके द्वारा रोपा गया संगठन रूपी पौधा आज विशाल वृक्ष बन चुका है और धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।
समारोह में वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि स्व. सुशील वर्मा की सामाजिक सक्रियता और महासमिति के निर्माण में रीता वर्मा का योगदान अतुलनीय रहा है। चार दशक से अधिक समय बाद उनका महासमिति के मंच पर पहुंचना केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि संस्थापक के प्रति कृतज्ञता और उनके परिवार के योगदान को स्वीकार करने का भावुक क्षण भी है।
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष लाल बहादुर यादव नेपाली, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर निषाद बबलू, जिला विपणन अधिकारी अनिल गुप्ता, राहुल सिंह, संतोष यादव, कृष्णकांत विश्वकर्मा, डॉ. आशुतोष सिंह, दीपक अग्रहरि, मनीष गांधी, राकेश वर्मा, शिवा गुप्ता, दिनेश यादव फौजी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में संस्थापक पुत्र वैभव वर्मा ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

